ShriMahaLakshmiRatnaKendra
29/10/2020

एक मुखी गोल रुद्राक्ष

भगवान शिव का रुद्राक्ष हमारी हर तरह की समस्या को हरने की क्षमता रखता है। यह रुद्राक्ष सफलता, धन-संपत्ति, मान-सम्मान दिलाता है। भगवान शिव ने समस्त लोगों के कल्याण के लिए अपने नेत्रों से आंसू के रूप में रुद्राक्ष उत्पन्न किए। उनकी आंख से गिरे पहले आंसू को एक मुखी रुद्राक्ष कहा जाता है।
एक मुखी रुद्राक्ष सबसे महत्वपूर्ण और कल्याणकारी रुद्राक्ष माना जाता है। एक मुखी को साक्षात भगवान शिव का स्वरुप मानते हैं। एक मुखी दो प्रकार के दाने पर इस धरती पर पाए गए हैं। एक गोल आकार में है और दूसरा काजू के आकार में।कहा जाता है कि एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है और मन शांत हो जाता है। घर में धन का आगमन भी होने लगता है। शरीर में हाई ‘बीपी’ इसके धारण करने से धीरे-धीरे नियंत्रित होने लगता है। वहीं शत्रु अपनी शत्रुता छोड़ देता है।

   एक मुखी गोल रुद्राक्ष इतना पवित्र होता है की जगह जगह पर जब कथा होती हैं तब एक मुखी रुद्राक्ष को जनसाधारण के दर्शन के लिए रखा जाता है 

एक मुखी रुद्राक्ष साधकों के मन में अकारण जो भय बना रहता है उसे दूर करता है एक मुखी रुद्राक्ष इतना पवित्र और पावन माना गया है की गरुड पुराण की कथा में आता है कि एक रुद्राक्ष के वृक्ष में वर्ष में सिर्फ एक ही एक मुखी रुद्राक्ष आता है जो कि बहुत ही पवित्र होता है एक मुखी रुद्राक्ष सभी मनुष्यों के भाग्य में नहीं होता यह भाग्य अनुसार ही प्राप्त होता है इसीलिए यह दुर्लभ है

एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि

एक मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के लिए इसे दूध दही गंगाजल घी शहद मिलाकर बनाए पंचामृत से स्नान कराना चाहिए इसके लिए एक मुखी रुद्राक्ष को शिवलिंग के ऊपर रखकर ऊपर से पंचामृत चढ़ाना चाहिए जो एक मुखी रुद्राक्ष से होता हुआ शिवलिंग पर से बह जाए और ओम नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए इसके बाद इसे सोमवार के दिन पूर्व दिशा में मुंह करके सुबह 9:00 बजे से पहले पहले धारण कर लेना चाहिए एक मुखी रुद्राक्ष को जब भी किसी बड़े शिव मंदिर में जाएं तो शिवलिंग से छूकर लाना चाहिए इससे इसकी शक्ति बढ़ती जाती है एक मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के बाद शौचालय नहीं जाना चाहिए शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए ऐसे व्यक्तिगत कार्य करते समय उसे उतार देना चाहिए, यह एक मुखी रुद्राक्ष नया होता है जो हम दे रहे हैं इसीलिए इसे तीन से चार दिन सरसों के तेल में डुबोकर रख देना चाहिए इसके पश्चात इसे शुक्ल पक्ष के सोमवार के दिन धारण करना चाहिए
एक मुखी रुद्राक्ष पहनने वाले को आध्यात्मिक और भौतिक लाभ प्रदान करता है यह पहनने वाले की इच्छा को पूरा करता है यह रुद्राक्षधारी के पापों और पिछले कर्मों को नष्ट कर देता है यह कुछ दिनों में माइग्रेन को ठीक करने में मदद करता है यह मन की शांति पाने में मदद करता है यह एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करता है यह आपको अपनी इंद्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखने में मदद करता है यह क्रूर ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने में मदद करता है विशेष रूप से जन्म कुंडली में सूर्य के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए पहना जाता है यह पहनने वाले को महत्वाकांक्षी बनाता है जब घर में रखा जाता है तो यह पूरे परिवार में शांति और सद्भावना को पैदा करता है यह जीवन से जटिलताओं को दूर करता है यह गुस्से को नियंत्रित करने में मदद करता है रुद्राक्ष धारण करने वाले को नेतृत्व गुणों के साथ और तनाव को दूर करने में मदद मिलती है

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